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नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥, जिसे गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ आंखों के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है, आंख की पारदरà¥à¤¶à¥€ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€, कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾ की सूजन है। यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरल, या à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लाठगठसंकà¥à¤°à¤®à¤£ या जलन के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प हो सकता है।
हमारी आंखों में à¤à¤• पारदरà¥à¤¶à¥€ पतली à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€, कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾ होती है जो हमारी पलकों के अंदरूनी और आंखों की पà¥à¤¤à¤²à¥€ के सफेद à¤à¤¾à¤— को कवर करती है, इसमें सूजन आने या संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने को कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ या आंख आना कहते हैं।
जब कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾ की छोटी-छोटी रकà¥à¤¤ नलिकाà¤à¤‚ सूज जाती हैं, तब ये अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से दिखाई देने लगती हैं और आंखों का सफेद à¤à¤¾à¤— लाल या गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ दिखने लगता है। इसलिठइसे पिंक आई à¤à¥€ कहा जाता है।
कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ आंखों में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या वाइरस के संकà¥à¤°à¤®à¤£ या à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण हो सकती है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में टियर डकà¥à¤Ÿ (अशà¥à¤°à¥ नलिका) के पूरी तरह खà¥à¤²à¤¾ न होने से à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° पिंक आई की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है।
यह à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, इसलिठइसका तà¥à¤°à¤‚त उपचार जरूरी है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ जोखिम कारक :-
जब कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾ और पलकें à¤à¤• अड़चन, या बलà¥à¤•ि à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤•, पदारà¥à¤¥ के संपरà¥à¤• में आती हैं, तो पूरà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
इस मौसम में पौधे पराग, चिनार और घास पराग विशेष रूप से कटघरे में हैं।
इस पà¥à¤°à¤•ार के नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ में दोनों आà¤à¤–ों में लालिमा और जलन और तीवà¥à¤° खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है जो पलकों को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
आमतौर पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने पहले से ही इसी तरह के लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किठहैं, शायद पिछले वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में उसी मौसमी अवधि के दौरान, और अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ रोगों के लिठà¤à¤• परिवार की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ होती है।
यह आवधिकता à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ के अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ कारणों को बेहतर ढंग से समà¤à¤¨à¥‡ में मदद करती है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नेतà¥à¤°à¤¶à¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤²à¤¾à¤¶à¥‹à¤¥ अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤• जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ के आरोपण से जटिल होता है और इस पà¥à¤°à¤•ार निशाचर सà¥à¤°à¤¾à¤µ के कारण सà¥à¤¬à¤¹ पलकें 'वेलà¥à¤¡à¥‡à¤¡' हो जाती हैं।
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